जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विधा छंद मुक्त कविता
शीर्षक बहुत दुख होता है
बहुत दुख होता है
दुख तो होता है,
बहुत दुख होता है।
जब कोई अपना हमेशा के लिए,
साथ छोड़ जाता है।
और जब कोई इस तरह,
कम उम्र में चला जाए।
बेसहारा मां बाप पत्नी बच्ची छोड़ जाए,
तो अपनों को बहुत दुख तो होता है।
जब उसकी मौत का तमाशा बनाया जाए,
बहुत दुख तो होता है।
मौत के कारणों के दस्तावेज़ देने में,
घुमाया जाए दुख तो होगा ही।
दस्तावेज़ पाने को,
एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर चक्कर काट रहे हैं।
उम्मीद कम है कि दस्तावेज मिल जाए,
मगर हम भी हिम्मत नहीं हार रहे हैं।
अपने बेटे की मौत का कारण,
परिवार जानना चाह रहा है।
मगर सरकारी सिस्टम तो सिस्टम से ही चलता है,
वो कहां किसी परिवार के दुख दर्द समझता है।
कह रहे हैं कोरोना से हुई है मुत्यू,
पर रिपोर्ट दे नहीं पा रहे हैं।
शायद .... शायद.....
ये परिवार में एक और मौत की रहा देख रहे हैं.......
(स्वयं के परिवार पर आप बीती घटना पर आधारित)
सूर्य प्रकाश पाटिल
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