Wednesday, October 14, 2020

राजस्थान से डॉ एन के सेठी की रचना- आशा

डॉ एन के सेठी
बाँदीकुई(दौसा)राज.
विषय-आशा
(कुंडलिया)


आशा अरु विश्वास है, जीवन का आधार।
मन में रख सद्भावना,विजित करे संसार।।
विजित करे संसार,शांत हो जीवन अपना।
सभी  करें  सत्कर्म, करें  पूरा हर  सपना।।
कहता कवि करजोरि,करें हम दूर निराशा।
मन से तमस मिटाय,रखें हम मन मेंआशा।।

बाधा  सारी  पार  कर, मंजिल करते  पास।
घोर निराशा त्यागकर,रखें सभी हम आस।।
रखें  सभी हम आस, हृदय में हो उजियारा।
आशाओं का दीप, मिटे मन का अँधियारा।।
कहता कवि करजोरि,सभी जन बोले राधा।
आस  और  विश्वास,  मिटाए  सारी  बाधा।।

आशा हो मन में अगर,आ जाता है जोश।
करते अपना कर्म है,भर जाता है कोश।।
भर जाता है कोश,आय जब ताकत सारी।
होय आत्मप्रकाश,मिले खुशियाँ भी प्यारी।।
कहत नवल करजोरि,होय सब दूर हताशा।
मन में रख विश्वास,रखो इस पर ही आशा।।

               ©डॉ एन के सेठी


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