रचनाकार-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-बस्तर के सांस्कृतिक धरोहर
विधा-कविता (मुक्त छंद)
बस्तर है सांस्कृतिक धरोहर का खान,
बडे़ डोंगर देव लोक पुरातात्विक
विरासत है मिशाल|
दंतेवाडा़ की दंतेश्वरी माई की विश्व में ख्याति विख्यात,
बारसूर में मामा -भांजा मंदिर गणेश जी हैं खास|
बस्तर के बेलमेटल और घडवा शिल्प हैं बेमिसाल,
गोंडी बोली को मिली देश में अब नई पहचान|
नारायणपुर नर नारायण मेला का हैं विश्व में नाम,
बस्तर का तीखुर,चिरौंजी,कोशा शिल्प है खास|
बस्तर दशहरा अद्भुत फूलों का रथ है पहचान,
कुटुमसर गुफा,चित्रकूट जलप्रपात का अनोखा एहसास|
कांकेर का गढिया पहाड़ दूध नदी के तट पर खास,
कभी न सूखता सोनई- रुपई जिनके हैं पहचान|
विविधता में एकता ,सालों का द्वीप हैं बेमिसाल,
अद्भुत सांस्कृतिक धरोहर है बस्तर की पहचान||
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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