Wednesday, October 14, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की रचना- धरोहर

 


रचयिता- पुष्पा पटनायक 

स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 

विधा- कविता 

शीर्षक -"प्राचीन धरोहर "

***********************

प्राचीन धरोहर ही सहेजता

संजोता इतिहास को  

इतिहास ही कुछ नया देता 

सिखाता समाज को  


संस्कृति और सभ्यता 

का आईना बनकर 

प्राचीन धरोहर बयां करती 

प्राचीनतम इतिहास को


नाट्य शाला ने ही दिया 

आज की फिल्मीस्तान को 

शिल्पकारों ने ही बनाया

सजाया पुरातन भारत को


ठप्पा लगा जिस पर यूनेस्को का 

क्या बस यही धरोहर भारत का 

अनगिनत असंख्य कलाएं 

गली- गली में भारत बसाये


भले भारत के इतिहास की शान

कीले और मीनारों से होती पहचान 

पर नगर-नगर शहर -शहर 

मंदिरों ,गुफाओं , स्तंभों को 

नहीं करना चाहिए दरकिनार 


सहेज कर उन्हीं को रखते 

जिसे विश्व जानते और मानते है

भारतीय ही भारत के छुपे

धरोहर को कहां पहचानते हैं 


गिने-चुने मीनार मकबरे 

प्रेम की जो साक्षी बने 

मुमताज ए ताबूत ताज हो

चाहे हुमायूं का मकबरा हो

खजुराहो के शिल्प में 

छुपे प्रेम आलिंगन के राज हों


प्रत्येक विरासत स्थल देश की

विशेष संपत्ति है 

जिसे संरक्षण देना होगा

देश के लोगों की जिम्मेदारी है

इसे बचाकर भावी पीढ़ी हेतु

आईना बनाना होगा ।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...