स्थान - दुर्ग (छ.ग.)
विधा - मुक्त, कारणमाला अलंकार
शीर्षक - शांति में एकता
सत्य कहो तो
रहेगी शांति,
शांति से मिलता सुख
असत्य से अविश्वास, तो
अविश्वास से बढ़ती दूरी ।
अपना काम स्वयं करें
बापू ने दिया संदेश,
बनेंगे अगर स्वावलंबी
देश की होगी उन्नति,
विकसित होगा देश तो
विश्व में पहचान बनेगी ।
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई
मिलकर सबको रहना है,
जाति,धर्म का भेद मिटाकर
एकता का बल दिखलाना है।
एकता सबसे बड़ी है ताकत
दुश्मन को यह दिखला दो,
हम सब भारतीय एक हैं,
गद्दारों को यह बतला दो ।।
No comments:
Post a Comment