विषय _महात्मा गाँधी
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक _गाँधी, शास्त्री जी का जन्म दिवस
2 ऑक्टूबर उनका है जन्मदिन,
जो रहे भारत की शान |
मातृभूमि की रक्षा हेतु दोनों ,
तैयार थे देने को जान |
हमको वो सीखा गए,
की बड़ा है अपना स्वाभिमान |
देकर गए सुन्दर सा नारा,
जय जवान, जय किसान |
सत्यग्रह का पाठ पढ़ाया |
अहिंसा जो समझाया |
हमें दिया ये ज्ञान,
भारत रत्न से सम्मानित हुये |
ऐसे शास्त्री जी महान |
मातृभूमि का सर ऊँचा ,
हुआ पाकर ये संतान |
भारत की रक्षा विकास प्रगति हेतु,
जो समर्पित हुये बढ़ाया भारत का मान |
सादगी पूर्ण रहा उनका जीवन,
भाईचारे का दिया ज्ञान |
ऐसे थे बापू सच्चे इंसान |
दोनों ने दूर क्षितिज तक,
बढ़ाया भारत का मान |
धरती गगन भी कर उठते है |
उनका यश गान |
जन जन के मन मे है |
उनके लिये सम्मान,
जिनके लिये प्राणो से भी प्यारा था |
अपना हिंदुस्तान |
दोनों महान देश भक्त विभूतियों,
को मेरा प्रणाम |
इसलिए कहो मेरा भारत महान |
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
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