Friday, October 16, 2020

संतोष प्रधान "कचंदा" की रचना- माँ की महिमा

नाम-    संतोष प्रधान "कचंदा"
स्थान-  कचंदा
जिला-  जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विषय- माँ
विधा- कविता
शीर्षक- माँ की महिमा

                 माँ की महिमा

माँ से मिले ममता, पिता से मिला प्यार है ।
माँ की महिमा होती अति अनंत अपार है ।।

न किसी से तुलना इसकी, न इसका मोल ,
कितना करें बखान , कम पड़े  जाए बोल ,
माँ है सर्वस्व, माँ से ही जीवन आधार है ।
माँ की महिमा होती अति अनंत अपार है ।।

बिन माँ के जीवन का कैसे करें कल्पना ,
माँ में मिलती है जीवन का सब अल्पना ,
माँ में ही समाहित हर खुशी के प्रकार है ।
माँ की महिमा होती अति अनंत अपार है ।

बच्चों के सुख  खातिर सहती सारा दुःख ,
सबका पेट भरती पर खुद सह लेती भूख ,
बिन माँ के जिंदगी का हर सुख बेकार है ।
माँ की महिमा होती अति अनंत अपार है ।।

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