रचनाकार-एच-एस-अरमो ,अरमान ।
निवासी-बायरन बाज़ार,रायपुर ।
जिला-रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
विषय-प्राचीन धरोहर पर केन्द्रित ।
शीर्षक-""प्राचीन धरोहर ""
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
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○○||••""प्राचीन धरोहर ""••||○○
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मोहनजोदड़ो व हड़प्पा,मेसोपोटामिया
है,मानव सभ्यता की धरोहर ।
सात अजूबा है यह दुनिया का,
अनमोल प्राचीन धरोहर ।
सोमनाथ,बद्रीनाथ व वैष्णव देवी,
के देवालय,बने धर्म-धरोहर ।
कीले,स्मारक व विजय स्तंभ ,
राजाओं के,हार-जीत की धरोहर ।
अरावली,अमरकंटक पर्वत हैं,
प्राकृतिक अनूठी धरोहर ।
हसली,बहटा व पैरी गहने हैं,
श्रृंगार की,प्राचीन धरोहर ।
झाँझ,मंजीरे,ढोलक व नगाड़े वाद्ययंत्र,
पूजा-अर्चना व सामाजिकता की हैं,
सांस्कृतिक कीमती,प्राचीन धरोहर ।
धोती-कुर्ता,साड़ी व पगड़ी,गमछे हैं,
सामाजिक-परंपराओं के धरोहर ।
आओ मिलकर,आधुनिकता की दौड़ में, इन सँस्कृति व सभ्यता को,
भारतीयता की पहचान को बचाने,
प्राचीन धरोहरों को सहजे-सँवारे,
इसके महत्व व गुणगान का बखान करें,लोक संगीत,लोक गान की शान
को,विलुप्त होने की कगार से बचायें ।
=====$$$|||इति |||$$$$=====
व्याख्या:-उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मानव जाति की सभ्यता और संस्कृति,विकास के धरोहरों को बचाना होगा और इनकी कहानी,गाथा,साहित्य,अवशेषों से जनमानस को अवगत कराने की कोशिश करना चाहिए ताकि प्राचीन कालीन धरोहरों का शोधात्मक अध्ययन किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को भी जानकारी मिल सके ।
--------!!मौलिक प्रस्तुति!!---------

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