स्थान- कचंदा
जिला- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा- आलेख
शीर्षक- समाचार पत्र
समाचार पत्र
समाचार पत्र जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग सा बन गया है जिस दिन यह अप्राप्त रहता है उस दिन मन में बेचैनी बनी रहती है जब तक उसे प्राप्त नहीं कर लेते हैं मन आनंद विभोर नहीं होता है। हर दिन की पैनी खबर समाचार में छपी रहती है ।देश दुनिया से लेकर गाँव के आँचलिक खबर तक निरंतर सतत् प्रकाशित रहती है।
समाचार पत्र किसी के साथ किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं करता है सभी के साथ सम आचार करता है इस कारण इसे समाचार कहते हैं।
समाचार विभिन्न रूपों में हमें प्राप्त होता है जैसे- दैनिक समाचार, साप्ताहिक समाचार, पाक्षिक समाचार, मासिक समाचार आदि रूपों में हमें प्राप्त होता है।
आज समाचार पत्र प्रिंट मीडिया के साथ-साथ सोसियल मिडिया में भी प्राप्त होने लगे है सोसियल मिडिया में बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाने के कारण हर जगह हम मोबाईल के द्वारा ही समाचार पढ़ पा लेते हैं ।
समाचार पत्र का समाज में फैले बुराईयों को बदलने में बहुत बड़ी भूमिका होता है। देश में हो रहे अत्याचार, भ्रष्टाचार को अगर मिटा सकता है तो वह है समाचार पत्र अतः समाज में इसकी बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी है इसे समझना होगा।
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