Friday, October 30, 2020

बिहार से आचार्य गोपाल की रचना- वोट

नाम - आचार्य गोपाल उर्फ आजाद अकेला बरबीघा वाले
 राज्य  -:- बिहार
कविता का शीर्षक - :-वोट हूंँ
विधा -:- कविता

हां ! मैं तो तुम्हारा वोट हूंँ,
लोकतंत्र की आधारशिला मैं,
वयस्कता पर सबको मिला मैं,
जनमत देता सबको दिला मैं,
राजनीति के डंके की चोट हूंँ ।
हां ! मैं तो तुम्हारा वोट हूंँ ।।

जनता का सच्चा मित्र हूंँ,
मतपत्र में बना चित्र हूँ,
या ईवीएम का बटन हूँ,
चुनाव का सिरमौर हूंँ ,
सबका ही मैं तो ठौर हूंँ,
लोकतंत्र की नोट हूँ  ।
हां ! मैं तो तुम्हारा वोट हूँ  ।।

पार्टी का हो कोई नेता ,
या निर्दलीय का अभिनेता ,
मैं ही सबको बहुमत देता ,
उच्च-नीच का भेद न लेता ,
चाहूं जिसे उसे सब कुछ देता ,
कुर्सी का मैं ही सच्चा मेट हूँ  ।
हां ! मैं तो तुम्हारा वोट हूँ  ।।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...