जिला-कांकेर,छग
शीर्षक- शांति और अहिंसा के दूत
विधा-कविता (मुक्त छंद)
अलंकार-कारण माला अलंकार
सत्य अहिंसा और शांति का,
संदेश लेकर आए ।
विश्व शांति के दूत बनकर,
भारत भू पर आये ।
चरखा ,लाठी,चश्मा जिनके
अद्भुत अस्त्र बने।
मानवता के पुजारी बनकर,
विश्व पटल पर छाये।
साकार हो गया सपना उनका,
स्वच्छ भारत के पूत,
जन-जन के नायक थे गांधी,
सत्य अहिंसा के दूत ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ही थे,
सत्य अहिंसा के पुजारी,
नमन करती सारी दुनिया आज,
नतमस्तक हो बलिहारी।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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