ग्राम - बुलाँकी
जिला - रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा- कविता
विषय - गांधी का उद्गार
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*गांधी का उद्गार*
मन में शुकून का उद्गार उठा,
मेरे सपनों का भारत ऐसे होगा।
जहां सुख-शांति की दरिया बहे,
ऐसा मेरा भारत देश होगा।
चला पथ पर संकल्प लिए,
सत्य अहिंसा जीने का आधार।
मानवीयता का पुजारी बन,
परतंत्र भारत का किया उद्धार।
हर बाधाओं को झेलते हुए,
हर बंधन को तोड़ते हुए।
चला अविरल सत्य पथ पर,
अस्पृश्य शूद्र से गले मिले।
सादा जीवन शैली उच्च विचार,
विरोध करता था अत्याचार।
सत्य,अहिंसा,प्रेम और विश्वास,
सद्भावना था उसका औजार।
स्वच्छ भारत का सपना संजोए,
प्रेरित कर लोगों को बांटे प्यार।
स्वच्छ भारत बनाने की जिम्मेदारी,
दे गए भारतीयों को अधिकार।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
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