रचनाकार-एच-एस-अरमो, अरमान ।
निवासी-बायरन बाज़ार,रायपुर ।
जिला-रायपुर ,छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक-"हम सबकी सोच में---"
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
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****"हम सबकी सोच में---"******
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हम सबकी सोच में---
एक ऐसा एहसास हो,
कि, कहीं भी--
दर्द का नाम न हो ।
मिल-जुलकर,जीते रहें हम---
वक़्त पर--
आयें,सबके काम ।
ऐसा एक एहसास हो---
कि,कहीं भी--
दर्द का नाम न हो ।
आंधियाँ तो आती रहेंगी---
पर,कहीं दीप न ,
बुझ पाये--।
ऐसा---
हम सबका प्रयास हो,
कि,कहीं भी--
दर्द का,नाम न हो--।
ऐसा सुन्दर---
अपना भी,
एक जहान हो ,
हम सबकी सोच में--
ऐसा एक,सदा एहसास हो-।
****^^इति***^^*****
व्याख्या:-उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मानव जीवन में सकारात्मक सोच होना चाहिए ताकि जीवन में उत्साह बना रहे ।
"""""""स्वरचित प्रस्तुति """""""""""""""""""
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