जिला :-राजनांदगाँव
विधा :-आलेख
विषय :- चिड़िया की घोंसला
रोज -रोज तिनके उठाने की समस्या से अच्छा है कि समस्या को एक ही बार में जड़ से समाप्त कर देता हूँ! ये कहते हुए नेगी जी चिड़िया की घोंसला को निकाल कर बाहर फेक दिया और आफिस चला गया! आफिस में दोपहर को लंच के वक्त सभी साथी आपस में गप्पे मार रहे थे! तभी एक साथी ने पुछा की मुझे सुबह उठने में रोज देर हो जाते हैं क्या करे? तुरंत दूसरे साथी ने जवाब दिया कि घड़ी में अलार्म भर दिया करें, अलार्म के बजते ही उठ जाओगे, मैं ऐसा ही करता हूँ! तभी त तीसरे ने कहा कि मैं तो रोज सुबह समय पर उठ जाता हूँ मुझे अलार्म की जरूरत नहीं होती! तुरंत चौथे साथी ने पुछा तो आप समय पर कैसे उठ जाते हो जरूर कोई उठाते होंगे ? नहीं मुझे कोई नहीं उठाते ! मेरी सुबह तो घर में घोंसले पर रात गुजारने वाली प्यारी-प्यारी चिड़ियों की चीं -चीं की आवाज से होती है ! तभी नेगी जी से किसी साथी ने पुछा कि क्यों भई आप सुबह समय पर कैसे उठाते हैं? नेगी जी उत्तर दिया कि मैं भी चिड़ियों के चहकने की आवाज सुनकर सुबह समय पर उठ जाता हूँ ये कहते हुए उनका मुह से अरे! मैनें ये क्या कर दिया !जो मुझे रोज सुबह समय पर उठाते हैं ,मैने आज उसका आशियाना उजाड़ दिया ! ये कहकर पश्चाताप की आग में जलने लगा! और घर आकर देखा तो चिड़िया की दो नन्ही -नन्ही बच्ची को सुबह फेके हुए घोंसले में फुदकते देखा तो मन में थोड़ा सुकून हुआ !और उस घोंसले को वापस वही पर रख दिया!
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