विषय _नवरात्र
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक _एक दुआ सबके लिए
एक अदृश्य शक्ति के अस्तित्व को मानने के दिन नवरात्र के दिन जब पूरी दुनियाँ शक्ति के आगे नतमस्तक होती है|
और देवी की पूजा कर उस शक्ति की महिमा का गुणगान कर अपने किये कर्मो की माफ़ी एवं अपने लिए आशीर्वाद माँगती है |
सारे विश्व मे ईश्वर ने स्त्री पुरुष बनाये है |दोनों एक दूसरे बिन अधूरे है | दोनों से ही एक घर बसता है| एक परिवार बनता है समाज बनता है दुनियाँ चलती है फिर पूरा विश्व मे एक मानव युक्त संसार बनता है |
इसलिए सारे लोगो को चाहिए स्त्री पुरुष का और पुरुष स्त्री का सम्मान करे |
जिससे एक मानवता भरी और शांति सदभावना के साथ जीवन जीये ऐसी ही कामना है माँ अम्बे से,
आओ सब मिलकर प्रण ले की ज़ब नवरात्री मे एक नारी के सामने एक देवी शक्ति स्वरूपा के सामने सर झुकाते है वैसे ही हर नारी का सम्मान करे उनका आदर करे और एक नारी से जुड़े हर रिश्ते की नारी की रक्षा करे |
आओ सब मिल इस पवित्र उत्सव को मनाये और अपने जीवन मे उल्लास भरे
इस संकट की घड़ी मे ज़ब पूरा विश्व कोरोना जैसी माहमारी से जूझ रहा है| उस संकट को दूर करने एवं माता रानी से सबका कल्याण करने हेतु प्रार्थना करे |
जिससे पुरे विश्व के लोगो का भला हो सब एक खुशहाल जीवन जीये |
जय माता दी |
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
Saturday, October 17, 2020
सावित्री यादव "सावि" कृत आलेख- नवरात्र
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