जिला एवं राज्य:-रायबरेली, उत्तर प्रदेश
शीर्षक:-नया सवेरा आएगा
विधा:-कविता
धैर्य नहीं खोना अपना ये वक्त बुरा कट जाएगा ।
दुख्खों की रैना छट के फिर नया सवेरा आएगा ।।
द्वार तेरे दस्तक देते रहते जो नित नए लेश ।
किंचित इनसे घबराना मत इनका दम खुद घुट जाएगा ।।
जीवन मरण भरण पोषण सब कुछ है बिधिना के हाथ ।
छोड़ विधाता पर इसको तेरा कष्ट वही हर पाएगा ।।
मर्त्य लोक का हर प्राणी नित नए लेश से जूझ रहा ।
तुझे घाव दिलाए हैं जिसने मरहम भी वही लगाएगा ।।
धैर्य नहीं खोना अपना ये बुरा वक्त कट जाएगा ।
दुख्खों की रैना छट के फिर नया सवेरा आएगा ।।
No comments:
Post a Comment