Thursday, October 15, 2020

कांकेर से मीरा आर्ची चौहान की रचना- जल प्रपात

रचयिता-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-जल प्रपात
विधा-कविता (मुक्त छंद)

जलप्रपात पहाड़ की मुस्कान है,
बूँदों का  खूबसूरत तारापथ है,
रंगो का बसंत है जलप्रपात|

इन्द्रधनूषी जल तरंगों की क्रीडा,
जलधारा की संगीतमय स्वर है,
उफनते फूंहारों का मल्हार है|

प्राकृतिक संगीत का झंकार हैं,
जलक्रीडा करती नन्हीं बूंदों का,
झर- झर  संगीत ,मधुर गान  है|

नृत्यांगना के घुंघरु की आवाज है
कवियों के कविता का फूहार है,
स्वर्ग -सा धरती पर एहसास है,
झर -झर करता  हर जलप्रपात||

मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग


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