राज्य - छत्तीसगढ़ जिला महासमुन्द
विधा - कविता
माँ क्या तुमसे एक ...
माँ क्या तुमसे
मैं एक सवाल कर लूँ ।
हूँ बेटा तुम्हारा
तुमसे आज झगड़ लूँ ।
तुम जयंती , तुम हो दुर्गा
तुम ही हो शक्ति हर ।
फिर क्यों है कोरोना कहर
नवरात्र में सुना है शहर गाँव हर ।
माँ क्या तुमसे एक ...
हर तरफ खामोशी सा है
रास , गरबा , डांडिया बंद ।
मांदर थाप में नाचते भक्त है शांत
जस गीतों के क्यों गुम है छंद ।
माँ क्या तुमसे एक ...
तुमने तो बड़े बड़े दुराचारियों
को हमेशा मार गिराया है ।
तुम्हारे रहते फिर कोरोना ने
क्यों हाहाकार मचाया है ।
माँ क्या तुमसे एक ...
मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या
सीमित , कष्ट असीमित हो गई है
है तू शक्तिशाली फिर सेवक तेरे
कोरोना से भयभीत हो गई है ।
माँ क्या तुमसे एक ...
माँ तू सुन मेरी एक बात
बन जा चंद्रघंटा से काली ।
नष्ट कर दुनियाँ से कोरोना
खुश होकर भक्त बजाये ताली ।
माँ क्या तुमसे एक ...
हर तरफ हँसी , खुशी
विद्यार्थियों को स्कूल दे दे ।
लॉक डाउन से हुये बेरोजगारों को
भरपूर रोजगार तू दे दे ।
माँ क्या तुमसे एक ...
मंदिर , बाग बगीचों , में
भक्त तेरे निर्भीक जा सकें ।
अपनों से अपने गले मिले
छोटे ,बड़ो का श्रद्धा सेपैर छू सकें
माँ क्या तुमसे एक ...
संतोष गुप्ता पिथौरा
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