जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विधा कविता
विषय अहिंसा,शांति
शीर्षक बापू के आदर्श
बापू के आदर्श
सादा सरल था रूप बापू का,
सीधा साधा व्यवहार उनका।
खादी धोती श्रृंगार बापू का,
एेनक, लाठी पहचान थी।
लाठी पकड़ा करते थे,
पर लाठी नहीं उठाते थे।
सदा अहिंसा मार्ग चले,
और आजादी भी अहिंसा से दिलाई थी।
सदा सत्य वह कहते थे,
और सत्य मार्ग पर चलते थे।
एक लाठी के सहारे,
वे मीलों चला करते थे।
राम नाम का जाप वो करते,
सत्य वचन वह कहते थे।
अहिंसा से कभी नहीं डिगे,
अहिंसा पर मर मिटे थे।
भारत वर्ष आज भी,
बापू के आदर्शों पर चलता है।
बापू अमर है उसी तरह,
आदर्श बापू के अमर भारत वर्ष में है.....
सूर्य प्रकाश पाटिल
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