Saturday, October 24, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक कृत निबंध- स्कूली पाठ्यक्रम में पत्र लेखन का समावेश

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
विधा- निबंध
शीर्षक -"स्कूली पाठ्यक्रम में पत्र लेखन का समावेश"   
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       वर्तमान समय में संदेश पहुंचाने के अनेक साधन मौजूद हैं । बावजूद इसके पत्र लेखन का विशेष महत्व है । फोन आदि पर बातचीत या मेसेज स्थाई नहीं होते। लिखित दस्तावेज स्थाई रूप से हमारे पास होने से हम भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं ।पत्र लेखन एक कलात्मक अभिव्यक्ति है ।जिसको ,बिना ज्ञान प्राप्त किये नहीं लिखा जा सकता ।
       कई प्रकार के पत्र होते हैं जिसकी जानकारी विद्यार्थियों को होना ही चाहिए। व्यवसायिक या कार्यालयीन पत्र जैस विद्यार्थी जीवन में छुट्टी के लिए आवेदन पत्र ,स्थानांतरण के लिए पत्र ,फीस माफी हेतु पत्र ,आदि। इसके अलावा। शिकायत या कोई और परेशानी से संबंधित पत्र भी हो सकते हैं।
       निजी पत्र या व्यक्तिगत पत्रों को भी लिखने की कला आनी चाहिए ,जो कि सामने वाले को प्रभावित कर लिखने  वाले के कई गुणों जैसे चरित्र ,दृष्टिकोण, संस्कार, मानसिक स्थिति, आचरण इत्यादि का बोध कराये।
       आगे चलकर इन्ही  विद्यार्थियों को कई विभागों में रोजगार या कई कार्यालयों में जैसे बैंक ,कृषि पुलिस स्टेशन शिक्षा, आदि कई जगहों पर  कई कार्यों में कार्यालय पत्र लिखने की जरूरत पड़ेगी ।अगर पत्र लिखने का सही तरीका ना सिखाया गया हो तो भविष्य में उन्हें पराश्रित होना पड़ेगा ।जो कि एक शिक्षित व्यक्ति के लिए निहायत शर्मिंदगी की बात होगी ।
       अतः छात्रों  को पत्र लिखने की जानकारी  होनी ही  चाहिए, और इसके लिए स्कूली पाठ्यक्रम में पत्र लेखन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

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