स्थान-नवापाराखुर्द/संक्रांति
जिला --*जांजगीर-चांपा/छत्तीसगढ़
विधा-लघुकथा सृजन
विषय-- अद्वितीय सच
शीर्षक--- खबर
हम दोनों की नौकरी लगने में 6माह का अन्तर है ।जिनका मैं जिक्र कर रहा हूं उनका मेरे से पहले का है ।जब मैं कालेज में पढ़ रहा था उस समय रोजगार निर्माण खरीद कर पढ़ने की आदत थी आज भी विद्यार्थी,पालक जो बेरोजगार है रोजगार से संबंधित पत्र पत्रिकाओं को खरीद कर पढ़ते रहते हैं । और दिये विज्ञापन के अनुसार नौकरी के लिए फार्म भरते रहते हैं बेरोजगारी मिटाने के लिए भरसक प्रयास में लगे रहते हैं उसमें कई कालम होते हैं जो हमारे ज्ञान की वृद्धि के लिए बहुत आवश्यक होते हैं । मैं यह बात सबसे कहना चाहता हूं कि प्रत्येक को इस प्रकार की जानकारियों से खुद को जोड़कर रखना चाहिए । रोजगार समाचार से संबंधित विभिन्न पत्र पत्रिकाओं पढ़ते रहना चाहिए ।
हम दोनों एक साथ पढ़ाई कर रहे थे दोनों का गांव अलग था वह भी मात्र दो किलोमीटर का फासला सुबह या शाम हम लोग मिल ही जाते थे ।
मैंने अपने साथी को बताया कि भाई तुम्हारा चयन शिक्षक के रूप में हो गया है रोजगार निर्माण में नाम मैं पढ़ा हूं।रोल नम्बर के बारे में नहीं कह सकता ।दूसरे दिन वह मेरे घर आया उसे सूची को बताया समाचार पत्र को तो नहीं दिया लेकिन उसे सलाह दिया की जाओ एक रोजगार निर्माण खरीद लेना उसने मेरी बात मान ली और चला गया । कुछ दिन के बाद नियुक्ति पत्र उसके पास आया और उसकी नौकरी लग गयी आज भी नौकरी चल ही रही है ।
कुछ माह पश्चात मेरे पास भी नियुक्ति पत्र आ गया और मेरा भी नौकरी लग गया । सौभाग्य से हम दोनों की नौकरी एक ही विकास खण्ड में प्रारंभ हुआ ।जब भी हम मिलते हैं मुझे
देखते ही उसे याद आ जाता है और कहता है क्या खबर सुनाये जीवन संवर गया । सुनता हूं मुझे भी अच्छा लगता है । और प्रत्येक व्यक्ति को इस प्रकार से कार्य करना चाहिए।
No comments:
Post a Comment