Saturday, September 19, 2020

पुष्पा पटनायक की रचना- जीवन की डगर

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
विधा- कविता (छंदमुक्त)
शीर्षक -"जीवन की डगर"
********************
जीवन  की  डगर,  कठिन  है  मगर 
रुकना  ना  राही, थकना  ना  राही  
चलते चले जा, कर ना कोई फिकर 

राह  तो  जाती है, अनगिनत  शहर 
पांव  वहां  रख,  जाना  हो   जिधर 
जीवन की डगर....................

पथ  पत्थर  पड़े, चाहे  शूल   खड़े 
पग कुचल उन्हें,  निरंतर  आगे बढ़
जीवन की डगर.....................

दूर  नहीं मंजिल ,सही  राह  पकड़ 
हौसला ना छोड,होगी रब की मेहर
जीवन की डगर.................... 

थकावट कभी हो, राह तीर तरु के 
सुस्ता के चल, है परेशानी का हल 
जीवन की डगर.....…........….

पथ  कंटक हटा, पग  रफ़्तार बढ़ा
बहे ज्यों नहर,मंजिल मिलेगी प्रखर
जीवन की डगर.....................

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...