विषय _जीवन और वर्तमान चुनौतियां
विधा _ आलेख
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक _जीवन और संघर्ष
जीवन ईश्वर का दिया एक प्यारा सा वरदान है |
जो माँ के गर्भ से शुरू होकर चिता के सेज पर ख़त्म होता है |कभी कभी किसी का पुरा जीवन बिना किसी परेशानी के सुखद कट जाता है |और कभी किसी के जीवन मे केवल परेशानिया ही संघर्ष ही लिखा होता है| उस समय लगता है|
ईश्वर ने हमें ऐसा क्यों किस्मत दिया जिसके कारण हम दुखी है|आज की जिंदगी की व्यख्या या फिर उसकी टिप्पणी करना वैसा ही है जैसे रेत को हाथो से पकड़ना |सब कुछ वैसा नहीं जैसे पहले का जीवन था |मानव तरक्की के रास्ते खोजते खोजते अपने ही विनाश के रह पर चल पड़ा है |
अभी मानव मे जरा भी सहन शीलता नहीं है दया प्रेम सब मतलब पर निर्भर हो गया है ऐसे मे सारे संसार मे एक ऐसे समाज की रचना हो रही है जिसमे बर्बरता ही दिखाई दे रही है |कंही चैन नहीं सब जैसे एक अनदेखे मृग के पीछे भाग रहे है |
अब मानव को समझना होगा समझदारी से जीवन जीना होगा | कुदरत के बनाये नियमों का पालन करते हुये |इस जीवन को खुशहाल बनाना होगा तभी हम इस सुरक्षित और संस्कारित जीवन जी सकते है और आने वाली पीढ़ी के लिये भी एक अच्छा समाज देश पर्यवरण और मानवता दया, धर्म, प्रेम सब कुछ छोड़ सकते है | जिससे आने वाली पीढ़ी भी इस सुंदर संसार मे अपना जीवन शांति पूर्ण बीता सके |
कुदरत के इस अनमोल देन प्रकृति को बचाये सतकर्म करते हुये |सभी का कल्याण हो ऐसा विचार मन मे रखे और व्यर्थ की चिंता ना करते हुये |ईश्वर के धन्यवाद करते हुये अपना कर्म करते हुये एक अच्छा जीवन जिए |
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि"
बिलासपुर छ. ग.
मो
No comments:
Post a Comment