Thursday, September 3, 2020

कांकेर से नलिनी बाजपेयी की रचना- विश्व शांति

रचनाकार :- नलिनी बाजपेयी
      संबलपुर,जिला-कांकेर,(छ. ग.)
     विषय :- *विश्व शांति*
(उल्लेख अलंकार का प्रयोग)
     
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     ~•°•~ *विश्व-शांति* ~•°•~
विश्व- शांति हो हमारा मूलमंत्र
जैसे जीने के लिए साँसे होती यन्त्र।

सत्य, अहिंसा,शांति से भरा हो तन्त्र,
वसुधैव कुटुम्बकम का भाव भरे स्वतन्त्र।

जाति, मजहब,धर्म को दूर हटाएं,
मानवता को सच्चा धर्म बनाएं।

जैसे स्वर्ग की कल्पना करते
आओ ऐसा स्वर्गिक देश बनाएं।

मानवीय मूल्यों को स्थापित करें
सुख-दुख के साथी बन पीर हरे।

सर्वजन हिताय,सर्व जन सुखाय
ऐसा प्यारा हो अपना समुदाय।

ये धरा,ये हवा,ये सूर्य तारे,
कभी भेद नहीं करते सितारे।

आओ भेद भाव रहित समाज बनाएं,
ऐसा प्यारा भारत देश बनाएँ।

*उल्लेख अलंकार का प्रयोग*

1.जैसे स्वर्ग की कल्पना करते,
    आओ ऐसा देश बनाओ
2.सर्व जन सुखाय,सर्व जन हिताय
   ऐसा प्यारा हो हमारा समुदाय।

       नलिनी बाजपेयी
  संबलपुर,कांकेर( छ.ग.)

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