स्थान-----नवापाराखुर्द/सक्ती
जिला----जांजगीर -चाम्पा
राज्य---छत्तीसगढ
विधा- कविता ( दृष्टांत अलंकार पर आधारित )
शीर्षक --शांति चेतना
व्याख्या ---कवि के द्वारा जीवन में काम आने वाले महत्वपूर्ण बातों का उल्लेख किया गया है ।
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शांति चेतना
शांति जीवन का, सबसे बड़ा है धन ।
संग्रह इसका करते रहें,सभी जन जन ।
सज्जनों की संगति, जीवन में वाह वाह ।
दुर्जनों की संगति, जीवन में आह आह ।
सत्य की राह हमेशा,सुखद -सुखद ।
असत्य की राह, हमेशा दुखद -दुखद ।
अविद्या से मन को,रख दूर -दूर ।
विद्या से मन को,रख पास -पास ।
अंधेरा मिटाने के लिए,दीप जला ।
कर भला तो ,हो जग में भी भला ।
मित्रता कांटों से,की नहीं जाती ।
फूलों की मित्रता से , दुःख नहीं आती ।
मधुर तराने मन को, हमारे भा जाते हैं ।
इसलिए कोयल याद रहते,कौआ भूल जाते हैं ।
सागर की आस रखिए, जहां जल ही जल ।
नदी का क्या आज है,पता नहीं रहे कल ।
मेहनत के फल मीठे,सदा ध्यान दीजिए ।
मुफ्त के फलों से,बच बचके चलिए ।
जीवन में धन संग्रह, आवश्यक और जरुरी ।
सपनों में भी कभी न रहिए, बनाकर दूरी ।
दूसरों के दुखों को, मिटाना सीखीए ।
भटके हुए को राह, दिखाना सीखिए ।
गिरधारी लाल चौहान
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