Tuesday, September 22, 2020

सावित्री यादव "सावि " कृत आलेख- मेरा गांव

विषय _10साल पहले मेरा गाँव मेरा शहर
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
              बिलासपुर छ.ग.
             

शीर्षक -मेरा शहर बिलासपुर

मेरा शहर बिलासपुर  जो की आज भी अपने गरिमा मान 
सम्मान  को बनाये हुये है |
जो मेरी  जन्म भूमि है | हम इस शहर की पुरानी  यादो  को 
कभी भूल नहीं सकते  है | 
इसके अलावा क़ोई दूसरा शहर अच्छा  लगता ही नहीं   हम छोटे थे |हम इस शहर को पल _पल बदलता देखते हुये बड़े  हुये है | अपना बिलासपुर  और यहाँ  के रहने वाले लोग मिलनसार और मदद  करने वाले अच्छे दिल के लोग थे |अब सब मतलबी हो चुके है |सब केवल मतलब से ही एक दूसरे से संबंध रखते है | पहले सब मिलकर रहते  थे | पर कभी कभी और शहरों की भाँति यहाँ  भी अप्रिय घटना घट  जाती है |
हमारा घर रेलवे  स्टेशन  के पास ही है| हम हमेशा ट्रेन  की आवाज सुन सुन कर ही बड़े  हुये खुश हुये रेलवे लाइन  को बार _ बार पार किये |कभी डर नहीं लगा |
पर अब सबकुछ बदल गया है पहले रेलवे क्रासिंग  थीं | अब अंडरब्रिज  पहले हम स्टेशन के किनारे व्यापार विहार से होकर स्कूल जाते थे |आज सब परिवर्तित हो गया है|अब वँहा पर केवल रेलवे स्टेशन के एरिया है | पास मे  बुधवारी बाजार है |जो आज भी वंही  है पर उसका स्वरूप बदल गया है |
पहले शांत और अच्छा  माहौल  था लेकिन अब भगमभाग ही दिखती है |
बिलासपुर  शहर मे  अब उच्च न्यायलय है |बहुत सारे भवन मॉल आदि बने इसका नगरीकरण और  ज्यादा हो गया  प्रदूषण  बढ़ गया जनसंख्या  भी बढ़ी |
दस  साल पहले का बिलासपुर  और अभी  के बिलासपुर  मे बहुत बदलाव आया  | पर बदला हुआ बिलासपुर  पहले के बिलासपुर  की अपेक्षा  केवल परिवर्तित हुआ है पहले जैसे शांत वातावरण  नहीं है अब केवल यहाँ  नगरीकरण 
अपने चरमसीमा  मे पहुँच  चुकी है |
फिर भी अपना शहर है समय के साथ बदलाव  जरुरी  है| अपने बिलासपुर  का विकास होते देख मन को अच्छा  लगता है |आने बाली पीढ़ी को सारी सुविधाएं  मिले तो ये बहुत ही अच्छा है। 

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