Saturday, September 26, 2020

बिलासपुर से सावित्री यादव "सावि " की रचना- रोजगार

विषय _रोजगार 
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
             बिलासपुर छ. ग. 
           
 शीर्षक  _हाय रोजगार की आस  में 

हाय रोजगार की आस  मे कर्ज  ले पढ़ाया |
कितनी मेहनत की नौकरी पाने की हाथ ना कुछ आया |

पढ़ेगा  लिखेगा तो बनेगा नवाब ये शब्द  रास ना आया  |
पढ़ लिखकर भी वो नौकरी के लायक ना बन पाया |

ये कैसी योजना होती है हमें समझ नहीं  आया |
फार्म भरने के ही लगते है सौ  हजार रुपईया |

गरीब फार्म भरे या करे पढ़ाई भाया |
डिग्री  लेकर भी लोगो ने चपरासी  का फर्म भराया |

खेत  खलिहान बिके नौबत कर्ज लेने के बाद आया |
सब कुछ रोजगार की लालच मे गया तो आँख भरआया |

लोन की भी प्रक्रिया  जटिल है  कैसे लाभ बताया |
रात दिन बैंक  के चक्कर  काटे  तब धन थोड़ा पाया |

उसमे   भी सही दिशा  ना मिले तो क्या लाभ पाया |
कितनी मेहनत की नौकरी पाने की हाथ कुछ  ना पाया |

पढ़ले  एक अफसर बनेगा ये जुमला काम ना आया |
बड़ी  बड़ी डिग्रियां  लिया फिर भी नौकरी ना पाया |

रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
              बिलासपुर छ. ग. 
              

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...