खैरागढ़ जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़
छंद मुक्त कविता- *प्रेम ही हमारी ताकत*
प्रेम ही वशीकरण, प्रेम जीवन का आधार है ।
राम से प्रेम ही तो, शबरी का उद्धार है ।
प्रेम हमारी ताकत , प्रकृति का मनुहार है ।
राधा कृष्ण का प्रेम ही तो, सृष्टि का आधार है ।
ऊंच-नीच न जाने प्रेम, स्वार्थ प्रेम निराधार है ।
सखा प्रेम कृष्ण सुदामा का, जग का आधार है ।
प्रेम अंतर्मन की सुख ,देखे न कोई आकार है ।
प्रेम रिश्तो को बांधती, वही बड़ा उपहार है ।
प्रेम बिना नीरस सब, न कोई व्यवहार है ।
निःस्वार्थ प्रेम ही , जगत का आधार है ।
प्रेम एक एहसास, प्रेम संगीत नाद है ।
प्रेम से सुर वीरों का, टूट गया अहंकार है ।
प्रेम बसे ह्रदय तो, बेजुबान प्राणी भी परिवार है ।
प्रेम बिन प्रकृति अधूरी,प्रेम बिना सुना संसार है ।
प्रेम रस में डूब जाओ , सभी का उद्धार है ।
माया तो ठगनी होती, माया से परे प्रेम अपार है ।
स्वरचित
श्रीमती पदमा साहू *पर्वणी*
खैरागढ़
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