पता-पिथौरा, जिला-महासमुन्द(छ.ग.)
शीर्षक- शिक्षक दिवस
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में,
वंदन है, अभिनंदन है।।
राग- द्वेष के भाव मिटाए,
प्रेम- भाव सद्भाव बढ़ाए।
अंतर्मन की गहराई से,
करते तुमको वंदन हैं।
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में,
वंदन है,अभिनंदन है।।
मुश्किलों में राह दिखाएं,
संघर्ष पथ को सहज बनाएं,
दुर्व्यसन की लत छुड़वाए,
भक्तों के दुख कष्ट मिटाए,
चरण धूल आपकी,
गुरुदेव मेरे लिए तो चंदन है।
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में,
वंदन है,अभिनंदन है।।
मन की बातें किसे सुनाएं,
नया कैसे पार लगाएं ,
मंजिल तक कैसे पहुंचे हम,
गुरुवर हमको राह बताए,
अब तो मन में आपके लिए,
भक्ति भाव का बंधन है।
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में,
वंदन है,अभिनंदन है।।
शंकर गोयल
पिथौरा,जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़)
No comments:
Post a Comment