कवि-सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
जिला-महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
शीर्षक-पानी को तरसता किसान
सूखने लगी धरती,
सुख रहे कुआँ,डबरी,नहर।
बोझ है कर्ज का,
किसान ताक रहा अम्बर।
शिकन दिखता माथे में
दरक रहा दर्द से धरती।
कब बरसेंगे ये बादल,
छाया है ये कैसा कहर।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) पिन- 493558
मोब.- 8103535652
9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com
No comments:
Post a Comment