रायगढ़, छत्तीसगढ़
विषय- वनांचल में शिक्षा का महत्व
उत्प्रेक्षा अलंकार
विधा-छंद मुक्त
शीर्षक- नई उड़ान
वनांचल से आच्छादित देश मेरा
मानो यही हो हृदय का बसेरा
बिन गहने और श्रृंगार के ही
ज्यों दुल्हन सी सजी हो गांव मेरा
यहां बसती अनेक जनजातियाँ
अपने मे ही प्रसन्न और डूबे हुए
शिक्षा विहीन जीवन है इनका
ज्यों कच्चे धागे में मोती पिरोये हुए
स्वतंत्रता और समानता के अधिकारों
से मानो ये अपरिचित और अनजान हैं
इन्हें भी शिक्षा का अधिकार पाने का
एक समान हमारे संविधान में अधिकार है
जब वनांचल का हर व्यक्ति शिक्षित हो जाएगा
तभी हमारे देश का परचम विश्व मे लहराएगा
सोने की चिड़िया भारत को उड़ान के लिए फिर से
मानो नए पंख,नए सुर-ताल मिल जाएगा।
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