Wednesday, September 30, 2020

चेतन सिंह की रचना- गुलाब बोता क्यों है?

रचनाकार - चेतन सिंह
पता-------- कसडोल  , छत्तीसगढ़
विधा ---   ग़ज़ल/कविता
शीर्षक--- गुलाब बोता क्यों है ??
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बेशुमार   सपने  ,  संजोता   क्यों  है ?
टूटा  इक सपना ,   तो  रोता क्यों  है ?

कांटों      से      डर    है     अगर ,
तो    फिर   गुलाब ,   बोता  क्यों  है ?

राहें     आसां    न   होगी  ये तय  है ,
हजारों    ख्वाहिशें  , पिरोता  क्यों है ? 

सहता     जा   , हर      दर्दे - जख्म ,
अश्कों  में   खुद  को , डुबोता क्यों है ? 

कर प्रतिज्ञा जीत की , और बढ़ आगे,
मिलेगी कामयाबी , निराश होता क्यों है ?

जो  चला  गया , वापस  न  आएगा ,
ये वक्त है बेशकीमती , खोता क्यों है ?

एक      कठिन   डगर   है   जिंदगी ,
चलता चल मुसाफिर ,हताश होता क्यों है ?

आएगी     मंजिल   तेरी  कदमों  में ,
रख  धीरज , बदहवास  होता   क्यों  है ?

आंधियों    में  भी जलेगा  दिया  तेरा ,
कर  कोशिश , विश्वास  खोता  क्यों  है ?

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