ग्राम- बुलाँकी
जिला- रायगढ़ ,छत्तीसगढ़
विधा- कविता
विषय -रोजगार
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*रोजगार की स्थिति*
वर्तमान शिक्षित दुनिया में,
पसरा है रोजगार ।
महामारी से बड़ा समस्या ,
आया है बेरोजगार।
शिक्षित लोग इसकी चपेट में,
अशिक्षित के लिए रोजगार।
शिक्षित लोगों के लिए,
श्रम नहीं ,घूमे बेरोजगार।
ऐसी है वर्तमान की दशा ,
लोग हो रहे हैं बेहाल ।
पढ़ाई कागज में छपी है ,
जी रहे हैं निढाल।
शिक्षितों को कुछ करते बन रहा है,
न कुछ कराते बन रहा है ।
भाग्य कोसते आराम से,
पराश्रित जिंदगी बीत रहा है।
फटे जूते से दिन गुजारे,
बुढ़ापा जर्जर देह कमाय।
युवा जवानी सड़ रही है,
नौकरी की आस लगाय।
हाय !कैसे रे यह जमाना,
कर रहे हैं सभी मनमाना।
संस्कार डूबने लगी है,
जा रहा है रोजगार का जमाना।
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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