Thursday, September 3, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- शांति और चेतना

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदा बाजार ( छ. ग. )
विधा - दोहा छंद
अलंकार - दृष्टांत अलंकार
शीर्षक - शांति और चेतना

सुखमय जीवन के लिए ,
              मन  में  गहरी शांति ।
ज्यों सागर की तली में ,
              मौन  सहित विश्रांति ।।

मन की शांति आवश्यक ,
             जीवन  के सफर में ।
आती  है  निश्चिन्तता ,
             खुशी उर - अंतर में ।।

मन इन्द्रिय मस्तिष्क में ,
             क्रियाशील  चेतना ।
जैसे  बिजली यन्त्र को ,
             देती   है   प्रेरणा ।।

प्रभु-भजन अध्यात्म योग ,
            ध्यान  और सत्संग ।
चेतना  को  पुष्ट  करे ,
          शांति भी सहज सुगम ।।

शांति और चेतना ही ,
           विश्वशांति  का जनक ।
मानवता  मुस्कायेगी ,
          राम राज्य की झलक ।।

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