ग्राम- बुलाँकी
जिला - रायगढ़(छग)
विधा - कविता
विषय- सड़क
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*सड़क*
सड़क बनी है लंबी चौड़ी,
कोई कच्ची कोई पक्की।
कच्ची सड़क गांव को जाती,
जिसमें चलती साइकल गाड़ी।
पक्की सड़क बाजार से जोड़ती,
रंग -बिरंगी गाड़ी दौड़ती।
गांवों को शहरों से जोड़ती,
शहरों को बंदरगाहों से जोड़ती।
किसानों को उद्योगों से जोड़ती,
उद्योगों को बाजारों से जोड़ती।
काली -पीली रंग -बिरंगी,
सड़क बनी है गांव गली।
सड़क में बायी ओर चलना,
क्रॉसिंग करना तो हाथ दिखाना।
बंद बैरियर पार न करना,
दाएं बाएं देख कर चलना।
सड़के हमारी देश की प्रगति,
देश बनता है इससे समृद्धि।
सड़के हमारी सार्वजनिक संपत्ति,
कभी ना पहुंचाना इसे क्षति।
सड़कों से मेलजोल बढ़ता है,
देश में खुशहाल एकता बनता है।
सड़क कैंडल लैंप कहलाती,
देश की उन्नति आगे बढाती।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़(छग)
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