जिला -कोरबा छत्तीसगढ़
विधा- छंद मुक्त कविता
शीर्षक " प्रार्थना "
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हे ईश्वर शक्ति दे मुझको सार्थक हो मेरा शब्द विधान ।
शब्दों की लड़ियों से निर्माण करूँ मैं राष्ट्र महान ।
नैतिकता के गीत लिखूँ मैं छेड़ कर अहिंसा की तान,
गठित हो जिससे देश में मेरे राष्ट्र प्रेमी वीर जवान ।
मानवता के पाठ लिखूँ मैं भाई चारा हो जिसका ज्ञान,
राष्ट्र प्रेम की बिगुल बजा दूँ,
जो गुंजे सभी दिशाओं में,
देश में आये नया विहान ।
।।इति।।
गोमती सिंह
कोरबा छत्तीसगढ़
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