निवासी-रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
जिला-रायपुर ।
शीर्षक-जीवन और वर्तमान की चुनौतियां ।
विधा--आलेख ।
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*जीवन और वर्तमान की चुनौतियां *
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इस धरा में समस्त जीवों की जीवन शैली अलग-अलग है ।कोई जल,भूमि व कुछ वायुमंडल में पल्लवित होते हैं ।किसी की अल्प आयु,किसी की लम्बी उम्र और किसी की एक सप्ताह से लेकर दस-बीस साल के मध्य होती है ।कुछ जीव शाकाहारी,माँसाहारी व परजीवी के रूप में जीवन निर्वाह करते हैं ।
उनमें से एक मानव जाति के जीवन जीने की पद्धति सभी प्राणियों से भिन्न है,क्योंकि मानव एक विचारवान व्यक्तित्व को धारण किये हुए है ।वह अपने ज्ञान,बुद्धि के बल पर स्वयं की दैनिक गतिविधियों का संचालन करता है ।इसलिए सभी जीवों में अपनी चेतना बल से उन पर नियंत्रण करता है ।चूंकि मानव जीवन प्रकृति के ऊपर निर्भर है,इसलिए सबके साथ तादम्य बनाये रखना जरूरी है ।मानव की लम्बी जीवन यात्रा के दौरान चलते- चलते ,आज की स्थिति में पहुंचा है ।
वर्तमान समय में सभी जीवों को उनकी जीवन शैली को पर्यावरण प्रदूषण ने प्रभावित किया है ।जिसके कारण परिस्थितिकी तन्त्र अत्यधिक प्रभावित हुआ है ।इसका प्रभाव कुछ जीव-जन्तुओं में भयंकर रूप से पड़ा है,जिसके फलस्वरूप उनकी प्रजाति ही लुप्त प्राय हो गई है और कुछ की लुप्त होने के कगार पर है ।प्राकृतिक संसाधनों का दोहन प्रचुरता से हो रहा है,जिसके कारण पृथ्वी का सन्तुलन भी बिगड़ रहा है ।वर्तमान समय में आप सभी लोग देख रहे हैं कि वन्यजीवों का पर्यावास प्रभावित हो गया है और वे गाँव-शहर की ओर बढ़ रहे हैं और कभी-कभी वे जन-धन को भी हानि पहुंचा रहे हैं ।कुछ ज्वलंत कारक हैं जैसे-जनसँख्या विस्फोट,औद्योगिकरण,यातायात के प्रचुर साधनों का प्रयोग,विलासितापूर्ण जीवनशैली,परमाणु ऊर्जा व इनके परीक्षण ने तो मानव जाति के जीवन को अत्यधिक प्रभावित किया है ।विज्ञान जगत में नित नये खोजों व शोधों ने भी प्रकृति को भारी नुकसान पहुंचाया है ।
पर्यावरण प्रदूषण व नित नयी आवश्यकता की मांग ने भी हमारे जीवन शैली व स्वास्थ्य को भी अत्यधिक प्रभावित किया है ।जिसके कारण अनेक प्रकार की गंभीर बीमारी को जन्म दे दिया है और कई प्रकार के वायरस संक्रमित बीमारी से भी प्रभावित हो रहे हैं ।इसी क्रम मे विश्व भर में "कोरोना वायरस की महामारी "ने सम्पूर्ण मानव जाति को बुरी तरह से अपने चपेट में ले लिया है ।इसके प्रभाव से अनेक लोग की असामयिक निधन हो गया है ।जिससे बचने के लिए नए-नए सुरक्षा के उपाय करने को कहा जा रहा है ,जैसे-मुँह पर मास्क पहनकर रखना,शारीरिक दूरी बनाए रखना,सेनिटाईजर का प्रयोग हाथ साफ करने के लिए व भीड़ से बचें आदि बातों का ध्यान रखें,ऐसी हिदायत शासन स्तर दी जा रही है और इसका कड़ाई से पालन भी करना होगा ।
इस संक्रमण काल में लांकडाऊन जैसी शासन की घोषणा की थी ।इसमें सभी लोगों को घर से बाहर निकलने की मनाई थी ।इसी बीच लम्बे समय तक लाँकडाऊन होने से,उद्योग धंधे और अन्य काम-काज भी बंद कर दिया गया था ।जिसके कारण लोगों को भूखे प्यासे रहने के लिए मजबूर हो गये थे ।इसी कारण भारी मात्रा में लोगों का पलायन हुआ और इसी वजह से पैदल यात्रा के दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई और कई लोग बीमार भी हो गए थे ।आज परेशानियाँ बढ़ गई हैं ।अस्पतालों में कोरोना वायरस की महामारी से ग्रसित लोगों को लिए इलाज में भारी परेशानी हो रही है ।इस समय जन-जीवन को प्रभावित कर के रख दिया है ।लोग बेरोजगार हो गए हैं,बदहालि से परेशान हैं और कुछ बाढ़ ग्रस्त हो जाने के कारण परेशान हैं ।
शिक्षा संस्थान बंद कर दिया गया है और पढ़ाई का तरीका बदल गया है ।आज सारी प्रक्रिया में आँन लाईन तरीके से कार्य करने की जरूरत हो गई ।आज कम्प्युटर,मोबाईल फोन का महत्व बढ़ गया है और आईटी के जानकारों की मांग भी अत्यधिक हो गयी है ।साथ ही आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ गयी है व अन्य गतिविधियां भी कमज़ोर पड़ गयी हैं ।
वर्तमानस्थिति से निपटने के लिए धैर्य और साहस से काम लेने की जरूरत है ।इन चुनौतियों का सामना करना है तो सहयोग-सहायता करने की जरूरत है ।समाज को समय के अनुसार अपनी जीवन शैली को ढालने की कोशिश करना होगा,तभी इस महामारी व मुसीबत की घड़ी से हम सब धैर्यता पूर्वक निपट सकें।सभी लोगों से मेरी विनम्र गुजारिश है कि अल्पव्ययी व मितव्ययिता के साथ जीवन निर्वाह करने की जरूरत है ।
यह चुनौतियां कब तक चलेगी,कोई नहीं जानता है ।अतःइस आफ़त के अलावा देश की सीमाओं पर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है और आन्तरिक सुरक्षा के लिए आंतकवाद,नक्सलवाद व नस्लवाद,भुखमरी,भ्रष्टाचार आदि चुनौतियां भी मुँह बाहे खड़ी हैं ।इसके लिए हमें देश की सहिष्णुता व अखंडता को बनाये रखने के लिए सबको अपने स्तर पर प्रयास तो करना ही होगा ।
*जय भारत,जय छत्तीसगढ़ **
==मौलिक प्रस्तुति--=====
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