जिला - बलौदा बाजार ( छ. ग.)
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - युवा देश की
युवा देश की 'बैक बोन' है ,
हँसता हुआ चिराग ।
प्रगति का है खिला फूल ,
ताण्डव नृत्य की आग ।।
युवा देश की महाशक्ति है ,
सागर - सा गंभीर ।
कलम भी है तलवार भी है ,
शांति दूत रणवीर ।।
युवा देश का सूरज है ,
शीतल चाँद - सितारे ।
त्याग और बलिदान की मूर्ति ,
जय - जय हिन्द पुकारे ।।
युवा देश की मशाल है ,
क्रांति और परिवर्तन ।
महानाश की प्रचण्ड ज्वाला ,
प्रलयकाल की गर्जन ।।
युवा देश का सुन्दर मुखड़ा ,
मधुर मस्त मुस्कान है ।
भोले - भाले और निरापद ,
करते कर्म महान हैं ।।
युवा देश की कल्पवृक्ष है ,
अमन और संग्राम ।
दीवाली की जगमग दीपक ,
आँधी और तूफान ।।
युवा देश की होली है ,
रँगा - रंग पिचकारी ।
हँसते गाते झूमनेवाले ,
चाहत की फुलवारी ।।
युवा देश की अमोलरत्न है ,
दुनिया भर की हस्ती ।
छायी है दिल में उमंग ,
मातृभूमि की भक्ति ।।
युवा देश की नब्ज है ,
बागानों की क्यारी ।
खून खौलता पानी बहता ,
दोनों में चिंगारी ।।
युवा देश की शान है ,
एक सबल आधार ।
नित्य नयी इतिहास बनाते ,
कठिन कर्म की धार ।।
युवा देश का कोहिनूर ,
भारत माँ का मस्तक है ।
धर्म संस्कृति मानवता का ,
सदियों से संवाहक है ।।
युवा साथियों आप सभी से ,
मेरा नम्र - निवेदन है ।
देश हित पुरुषार्थ करो ,
अभिनंदन है अभिनंदन है ।।
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