Tuesday, August 11, 2020

जांजगीर-चांपा से गिरधारी लाल चौहान की रचना- कृष्ण

नाम----गिरधारी लाल चौहान
जिला----जांजगीर -चाम्पा
राज्य---छत्तीसगढ
विधा---छंद मुक्त कविता(उपमा अलंकार  पर आधारित)
शीर्षक ---जय जय कृष्ण
व्याख्या ---कवि के द्वारा श्री कृष्ण का अवतारी पुरुष के रुप में गुण गान एवं धरा पर मनुष्यों के उपकार में किते कार्यों का वर्णन किया गया है ।
************************************************
      जय जय कृष्ण

जय जय कृष्ण,जय नंदलाल  ।
बांके बिहारी ,जय  गोपाल ।

इस धरा पर ले अवतार ।
आते प्रभु ‌तुम बार ही बार  ।
सज्जन दुर्जन ले शरण में ।
करते सभी का पाल ।

सत्य धर्म का साथ तुम्हारा ।
अन्याय अधर्म तुमसे हारा 
पाप मिटाने धर्म जगाने ।
कृपा तुम्हारी  हम पर विशाल ।

लीला तुम्हारी पग पग अदभुत ।
जगत स्वामी तुम कहाते सुत ।
सुख पहुंचाने कष्ट भगाने ।
क्षण क्षण करते कमाल ।

मेघ समान तुम श्याम हो ।
त्रेता के तुम्हीं राम हो ।
सूरज चांद तुमसे प्रकाशित ।
तुमसे श्वेत अरु लाल ।

गंगा जल सम तुम उपकारी ।
पावत शरण तरत नर नारी ।
हर जन्म मोहे शरण में लीजो ।
जैसे करे मां शिशु देखभाल ।

गिरधारी लाल चौहान

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...