रायगढ़,छत्तीसगढ़
विषय-कृष्ण जन्माष्टमी
विधा-छंद मुक्त काव्य
अलंकार-उपमा अलंकार
शीर्षक- कृष्ण जन्मभूमि
कान्हा जब मांगे चन्द्र खिलौना
मुख चुम यशोदा लेती बलैयां
पद कमल से जब नाचे कन्हैया
लड़खड़ाते कदमो को थाम लेती मैया
अपने प्रतिबिंब को जब निहारे कान्हा
आरसी पे प्यारी राधा की प्रतिबिंब ही झलके
पद कंज लोचन कृष्ण जब रक्तिम अधरों पर
हरे बांस की बांसुरी धरत हैं ,इंद्रधनुषी आभा ही झलके
मोर पंखों से सजे कान्हा निकले गोकुल धाम में
गोकुलवासी दर्शन को जम गए हैं चौपाल में
धन्य-धन्य वह भूमि वह जहां कृष्ण का वास है
सारे तीर्थ से बड़ा वहीं काशी और कैलाश है।
No comments:
Post a Comment