Friday, August 7, 2020

रायगढ़ से उर्मिला सिदार की रचना- अनंत सुख

 उर्मिला सिदार 
जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
विधा -कविता 
शीर्षक -"अनंत सुख "


$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$

         "अनंत सुख"

सुख दु:ख भिन्न अनंत सुख,
लिखती हूँ स्वच्छंद लेख।
अनंत  आनंद  हो  मैं,
लिखूं कुछ कविता सुलेख।

 अनंत अनंत की महिमा,
 कोहु  जाने  न  कोय।
 जो अनंत की महिमा जाने,
 आनंद विभोर मन होय।

 उरू उरू मन धरियो,
 उर्मि उर्मि गति न करियो।
अनंतअनुभूति आनंद मिलियो,
अनुस्यूत आहिस्ता सुपथ चलियो।

अली अली ज्यों फड़फड़वत,
मधु  रस  लियो  जाई ।
त्यों प्यासी मन व्यकुलानी,
ज्ञान ढ़ुढ़न जग आई।

ज्ञान आलोक जीवन चलियो, मिल ही सुख अनंत।
अनंत सुख जीवन लक्ष्य,
मिलहुँ सुमन अरू संत।

$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
 व्याख्या:- इस कविता में कवित्री अनंत सुख की प्राप्ति कैसे हो पाएगी इसी की व्याख्या की
 है।

पुनरुक्तवदाभास अलंकार
अनंत-विष्णुजी, असीम
उरू-नाम,श्रेष्ठ
उर्मि-पीड़ा,लहर
अली-सखी,भौरे
                         उर्मिला सिदार
                     रायगढ़    छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...