जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-मित्रता
अलंकार-असम अलंकार
मित्रता है एक एहसास,
अपनत्व व आत्मीयता
की एक बानगी मिशाल।
बीते हुए कल के मशाल
आने वाले कल के लिए
बेसबब बेमिसाल रिश्ता।
मित्र जैसा कोई हितैषी नहींं,
नहीं है इस जहां में कहीं भी
गहरा सागर -सा बहुत गहरा।
उच्च आकांक्षाओं से परे हैं
भाल ऊंचा करने वाला रिश्ता
नक्षत्र से ऊपर देदीप्यमान।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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