Friday, August 14, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- स्वतंत्रता दिवस

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदा बाजार ( छ. ग. )
विधा - छंदमुक्त कविता
शीर्षक - स्वतंत्रता दिवस

झूम उठा है सारा देश ,
पावन बेला आई है ।
स्वतंत्रता का दिवस आज है ,
घर-घर खुशियाँ छायी है ।।

देखो आज तिरंगा झंडा ,
लहर-लहर लहराता है ।
प्यार और भाईचारे से ,
रहना हमे सिखाता है ।।
इस झंडे की खातिर हमने ,
लाखों जान लुटाई है ।
स्वतंत्रता का दिवस.....।।1।।

मेहनत और लगन से हमने ,
धरती का श्रृंगार किया ।
गाँधी सुभाष के सपनों को ,
मिल-जुलकर साकार किया ।।
स्वाधीनता की राह में चलकर ,
अपनी मंजिल पाई है ।
स्वतंत्रता का दिवस......।।2।।

भारत माता की सेवा में ,
अपना शीश चढ़ायेंगे ।
आओ मिलकर करें प्रतिज्ञा ,
इनका मान बढ़ायेंगे ।।
स्वतंत्रता का दीपक हमने ,
सदियों बाद जलाई है ।
स्वतंत्रता का दिवस.....।।3।।

आजादी को बचा के रखना ,
सबसे बड़ी चुनौती है ।
राष्ट्र हमारा सर्वोपरि ,
कोहिनूर सम्पत्ति है ।।
स्वतंत्रता की खुली हवा मे ,
भारत माँ मुस्काई है ।
स्वतंत्रता का दिवस.....।।4।।

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