कवियित्री- श्रीमती गायत्री ठाकुर"सक्षम"
जिला- नरसिंहपुर ,मध्य प्रदेश
शीर्षक -किताब
* किताब*
सच्ची मित्र होती है किताब हमारी,
उसमें मिलती हमें जानकारी सारी।
ज्ञान का भंडार होती है किताबें,
हमारा ज्ञान भी बढ़ाती हैं किताबें।
माता पिता और गुरु के बाद,
इनसे ही मिलती है शिक्षा हमें।
जीवन के प्रारंभ से उसके अंत तक,
सारी उम्र किताबें शिक्षा देती है हमें।
हर विषय की हर तरह की सामग्री,
निहित रहती है भरपूर किताबों में।
भूगोल हो या भूगर्भ शास्त्र या हो नागरिकता,
इतिहास संबंधी ज्ञान भी मिलता है किताबों में।
विश्व की समग्र जानकारी और भाषाओं का ज्ञान ,
विज्ञान के नए आविष्कार की प्रेषक होती किताबें।
हर किसी को चाहिए किताबों का अध्ययन करे,
पढ़कर सभी तरह की किताबें ज्ञान विकसित करे।
लिखकर रख सकते हैं विचारों को किताब के रूप में,
नई पीढ़ी होती वाकिफ पढ़के,उनसे किताब स्वरूप में।
श्रीमती गायत्री ठाकुर "सक्षम"
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