नाम-दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश"
राज्य-पश्चिम बंगाल
विषय- "संस्कार"
अब मम्मियाँ जींस पहनती हैं
आंचल की छांव कैसे मिले
कैसे मिले भाई कैसे मिले
लबों की लाली चमकती रहे
मुन्ना पापी को तरसता रहे
मां का दूध रहे कसा-कसा
अब बच्चे बोतल पीते रहे
पीते रहे भाई पीते रहे
काजल बिंदिया टीका चंदन
बंद हो गया लोरी स्पंदन
प्यार का एहसास कैसे मिले
कैसे मिले भाई कैसे मिले
डिस्को डांस चलता रहा है
पश्चिमी संगीत बजता रहे
बच्चे लोरी को तरसते रहे
तरसते रहे भाई तरसते रहे
लोक कथा और परी कथा
इस मम्मी को याद कहां
मम्मी डैडी के कारनामें
बच्चों को सुनाए जाते हैं
दादी नानी दूर रहे
बच्चे उनसे कैसे मिले
कैसे मिले भाई कैसे मिले
भाषा बोली रहन सहन
बदल गया जीने का ढंग
व्रत त्यौहार और पूजा पाठ
अब लगता है बेकार
भूल गई वह सब शिष्टाचार
रस्मों-रिवाज और रिश्ते नाते
बच्चों को संस्कार कैसे मिले
कैसे मिले "दीनेश" कैसे मिले
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