कवि- सत्येंद्र कुमार यादव
जिला/राज्य का नाम- बाँदा/उत्तर प्रदेश
शीर्षक- चुनावी वार्ता
दोहे-
आना सखे चुनाव फिर, होगें खड़े प्रधान।
कहीं मिलेंगे नोट तो, कहीं मिलेगा पान।।
कोट पहन कर लाम ले, आते जोड़े हाथ।
बनना मुझे प्रधान है, मिल जाए गर साथ।।
देंगे साथ जरूर हम, इतना सुनिए नाथ।
कहीं भूल जाना नहीं, वोट मिले जब हाथ।।
नहीं अगर विश्वास है, लो थामो अब नोट।
लेकिन इतना गौर कर, देना हमको वोट।।
नहीं नहीं हमको सुनो, नहीं नोट की प्यास।
रहती केवल आपसे, सदा प्रेम की आस।।
बात नहीं है आपकी, सुनिए ग्राम प्रधान।
बहुतों को देखा सुना, कहा इसे मैं जान।।
चले शुरू से हम नहीं, कोई ऐसी चाल।
भले न हमको मिल सके, रोटी कपड़ा दाल।।
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