Tuesday, August 11, 2020

रायपुर से देवयानी शुक्ला की रचना- मोक्ष

01. रचनाकार का नाम :
देवयानी शुक्ला
02. जिला :- रायपुर (छत्तीसगढ़) 
03. छंद :- सवैया (उपमा अलंकार) 
04. दिनांक :- 11-08-2020
05. रचना का शीर्षक :-

*मोक्ष की लोनी*

रुन-झुन पैंजनी ,
छुन-छुन करधनी ,
केशव के डगमग पगफेरे ।
लाल वैजन्ती की ,
माल सुहावनी ,
सारी धरा को है जैसे घेरे ।
नैन कटार-से ,
बैन मल्हार-से ,
मायाजाल के जैसे चितेरे ।
नंद के लाल की ,
बाल गोपाल की ,
ऐसी छबि है बसी मन मेरे ।।


कृष्ण की वेणु-सी ,
गोकुल की धेनु-सी ,
ब्रज रेणु-सी बना दे विधाता ।
यमुना का तट ,
गोपियों का घट ,
राधा का पनघट दिखा दे विधाता ।
गोप सखा संग ,
मोर पखा रंग ,
मुझको भी रंगवा दे विधाता ।
मोह दुहानी-सा ,
प्रेम मथानी-सा ,
मोक्ष की लोनी चखा दे विधाता ।
___________________
*लोनी = माखन

_उपमा अलंकार_

( सा,सी,से और जैसे लगे सभी पदों में उपमा अलंकार है। )

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