Monday, August 3, 2020

मुम्बई,महाराष्ट्र से कवि संजय वासनिक"वासु" जी की कविता - अनाम रिश्ता

नाम- संजय वासनिक “ वासु”
शीर्षक-* अनाम रिश्ता*
राज्य- मुंबई , महाराष्ट्
अनाम रिश्ता
जिंदगी की राह मे
कई मोड आते है..
कभी किसी मोड पर 
किसी अजनबीसे 
रिश्ते बन जाते है,
वही अजनबी 
करिबी हो जाते है,
जिॅदगी मे आकर,
जिॅदगी बन जाते है 
कुछ ऐसे ही रिश्ते 
अनाम होते है 
हसाते है , रुलाते है,
लढते है, झगडते है,
रुठते है , मनाते है , 
पास आते है, 
तो खिलखिलाते है,
दुर चले जाते है, 
उदासियां दे जाते है 
फिर कभी किसी 
मोड पर मिलते है
जैसे दो नदीयां 
संगम पर मिलती है,
कितने भी दुर रहे 
मन मे यादें बसती है,
ऐसे रिश्तोकी  यादे 
बेचैनियां फैलाती है,
ऐसे रिश्ते को 
दोस्ती कहते है ...
या कुछ और नाम दे 
जिसे लोग प्रेम कहते है ..
# संजय वासनिक” वासु”..

2 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...