Monday, August 3, 2020

राजस्थान से कवि पवन गौतम बमूलिया जी की कविता- अवध में फिर से आये राम

रचनाकार-पवन गौतम बमूलिया
राज्य--राजस्थान 
शीर्षक/विषय- अवध में फिर से आये राम !!"

*अवध में फिर से आये राम*
     अवधपुर फिर से आये राम।।
गिरा अनयन नयन बिनु बाणी,
           जन्मभूमि अभिराम ।।

*अवध में फिर से आये राम !*
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ताल तलैया सरयू प्यारी।
           झूमे गाये नगरी सारी।
मन्दिर मन्दिर चमक रहे है,
   देत  बधावन शिव त्रिपुरारी।।

अण्ड पिन्ड ब्रह्मांड सृष्टि में,
            गूँजे जय श्री राम।।

*अवध में  फिर से आये राम !*
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मानो दसरथ राज करत है
      लखन शत्रुघ्न भरत चलत है।
कैकई सुमि,कौशल्या मैया,
      राम लला की बाट जरत है।।

ढोल मृदंग शंख झालर से
     छम छम छलके शाम ।

*अवध में फिर से आये राम!*
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      नगर नगर आह्वान हुआ है।
मन्दिर आलीशान सजा है।
      पवनपुत्र ख़ुद न्योता देते,
  सकल चराचर व्योम छुआ है।

शिव बजरंगी नृत्य करत है 
        श्री राम जय जय राम ।

*अवध में फिर से आये राम !*
---------
हिन्द देश के सब नर नारी।
      खुश है आज बजावत तारी।
हिन्दू मुसलमां साथ खड़े है
       संशय विहग उड़ावन हारी।

महल अटारन चौबारों से
       महके अवधपुर धाम ।

*अवध में फिर से आये राम !*
🌈🌈
रचनाकार---पवन गौतम बमूलिया
पता-अंता जिला बारां (राज)
PIN--325202

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