Wednesday, August 5, 2020

महासमुन्द से विनोद कुमार "जोगी" की रचना- श्रीराम

रचनाकार :- विनोद कुमार "जोगी"
जिला :- महासमुंद
प्रदत्त विषय :- श्री राम जी को समर्पित रचना
विधा :- छंद मुक्त कविता
अलंकार :- श्र्लेष अलंकार
शीर्षक :- राम राज्य फिर आया है।

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भूमिपूजन हुआ मंदिर का,
जन मन भी हर्षाया है।
ऐसा लगता भारतवर्ष में,
राम राज्य फिर आया है।

वर्षों से चाहत थी सबकी,
राम लला का हो पावनधाम।
भगवा रंग का चोला पहने,
जपते जन जन जय श्री राम।

राम जग में अनमोल है,
भूखा, भक्त है जाने मोल।
भूखे को भर पेट है भोजन,
भक्ति भाव भक्त में घोल।

अरसे बाद मिला प्रसाद है,
राम लला और भक्तन को।
सियाराम विराजे उसपर,
पाकर भक्त का तृप्त मन हो।

फिर फिर प्रभु कृपा बरसाते,
देवालय में आएंगे।
पाकर जिनके दर्शन अपने,
पाप सकल कट जाएंगे।

देख देवालय भव्य रूप में,
भारतवर्ष मुस्काएगा।
राम लला लौटेंगे आयोध्या,
राम राज्य फिर आएगा।

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व्याख्या :-  उपरोक्त पंक्तियों में रचनाकार ने श्री राम मंदिर निर्माण के शुभ अवसर पर अपने मन में उठ रहे हर्ष को शब्दबद्ध करने का प्रयास किया है।
काव्य में अलंकरण के लिए रचनाकार ने कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जो भले एक बार प्रयोग हुए हो लेकिन अर्थ भिन्न-भिन्न हैं।
जैसे :- राम राज्य - प्रभु राम का राज्य तथा अच्छे दिन।
राम - भूखों के लिए भोजन, व भक्तों के लिए भक्ती भाव।
प्रसाद - श्री राम जी के लिए महल, भक्तों के लिए आशीर्वाद।

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